चैट जीपीटी ( Chat GPT)

चैट जीपीटी ( Chat GPT)

चैट जीपीटी (Chat GPT)

संदर्भ- हाल ही में चैट जीपीटी को इटली में प्रतिबंधित किया गया था। चैट जीपीटी के प्रभावों के कारण यूरोपीय संघ के देशों ने चिंता व्यक्त की है। 

चैट जीपीटी- 

यह एक प्रोटोटाइप संवाद आधारित चैटबॉट है, जो प्राकृतिक भाषा में भी बात कर सकता है। आर्टिफिशियल इंटैलीजेंस अनुसंधान कंपनी एआई द्वारा 30 नवंबर 2022 को लांच के बाद से मात्र एक हफ्ते में इसके उपयोगकर्ताओं की संख्या एक मिलियन से अधिक हो गई थी। यह बहुत तेजी से विश्व में प्रसारित हो रहा है। चैट जीपीटी, जीपीटी 3.5 पर आधारित एक भाषा मॉडल है जो एक विस्तृत अध्ययन के साथ मानव लिखित पाठ का निरमाण र सकता है। यह जीपीटी 3 से अधिक विकसित मॉडल है।   

जीपीटी 3( Generative Pre-Trend Transformar) को 2020 में लांच किया गया था। एक संकेत देने पर यह डीप लर्निंग के माध्यम से कोई वाक्य को पूरा किया जा सकता है। इसके लिए इसे सैकड़ों शब्दों में प्रशिक्षित किया गया था और सीएसएक्स, जेएसएक्स व पायथन में कोडित किया गया था।इसे लांच करते समय ओपन एआई शोधकर्ताओं ने इसके जोखिम से अवगत कराया था। किंतु इसका प्रयोग लगातार किया जा रहा है।

जीपीटी 3.5 और जीपीटी 4 – वर्तमान चैट जीपीटी, जीपीटी GPT 3.5 के आधार पर विकसित किया गया है। किंतु कुछ ही समय बाद जीपीटी 4 तकनीक भी लांच की गई। जो जीपीटी 3.5 से और अधिक क्षमता रखती है। GPT-3.5 की तुलना में GPT-4 अधिक विश्वसनीय, रचनात्मक और अधिक सूक्ष्म निर्देशों को संभालने में सक्षम है। GPT-4 एक बड़ा मल्टीमॉडल मॉडल है (छवि और टेक्स्ट इनपुट स्वीकार करना, टेक्स्ट आउटपुट उत्सर्जित करना) जो कई वास्तविक दुनिया के परिदृश्यों में मनुष्यों की तुलना में कम सक्षम है, विभिन्न पेशेवर और शैक्षणिक बेंचमार्क पर मानव-स्तर का प्रदर्शन प्रदर्शित करता है। 

चैट जीपीटी के लाभ-

भाषा आधारित

  • भाषा मॉडल को संरेखित करना- यह जीपीटी 3 के साथ मानव व्यवहार के आधार पर मनुष्यों के साथ प्रशइक्षित किया जाता है। 
  • मानव प्रतिक्रिया के साथ पुस्तकों का सारांश उपलब्ध कराना तथा इसके साथ ही जिन कार्यों में मानव मूल्यांकन संभव नहीं है उसके लिए मानव निगरानी वाले कार्यों के लिए एक मॉडल को प्रशिक्षित कर अत्यधिक समय लेने वाले कार्यों को उपलब्ध कराना।

छवि आधारित

  • पाठ व छवियों के बीच एक लिंक या मैप तैयार करता है जिसे AI आसानी से पढ़ सके।
  • प्राकृतिक भाषा में लिखी गई बातों को टैक्स कैप्शन में जोड़ सकता है।

ध्वनि आधारित

  • ऑडियो प्रोसेसिंग और ऑडियो जनरेशन के लिए AI को लागू करने पर स्वचालित वाक् पहचान की जा सकती है।
  • इसके द्वारा व्हिस्पर, ज्यूकबॉक्स और म्यूजनेट जैसी सुविधा प्रदान कर सकते हैं। 

चैट जीपीटी की चुनौतियाँ – विविध प्रयोगों के साथ चैट जीपीटी के दुरुपयोग व इसके नकारात्मक प्रभावों के कारण मार्च में इटली में इसे प्रतिबंधित कर दिया गया है। और अन्य यूरोपीय देश भी इसके लिए चिंता व्यक्त कर रहे हैं। चैट जीपीटी के प्रयोग के कारण निम्नलिखित प्रभाव हो सकते हैं-

  • डेटा सुरक्षा- इसके प्रयोग से पूर्व यह टूल प्रयोगकर्ता से डेटा को पढ़ने की अनुमति मांगता है। जिससे प्रयोगकर्ता को डेटा सुरक्षा का खतरा बना रहता है। 
  • मानव मस्तिष्क के क्षरण होने की संभावना- चैट जीपीटी एक ऐसे दौर में आया है जब सभी लोग इण्टरनेट आधारित जानकारी पर निर्भर हैं ऐसे में चैट जीपीटी जैसा टूल जो मानव मस्तिष्क को संकेत देने से पूर्व ही आपको समस्या का हल प्रदान कर सकता है। ऐसे में मानव मस्तिष्क की शक्ति कम हो सकती है।  
  • नाबालिगों द्वारा इसके अनुचित प्रयोग करने की संभावना।

चर्चा व प्रयास- इन चुनौतियों से निपटने के लिए विभिन्न देशों द्वारा कुछ सुझाव प्रस्तुत किए जा रहे हैं, जैसे-

इटली ने इसके प्रयोग को सीमित करने के लिए चैट जीपीटी को देश में प्रतिबंधित कर दिया है। और इस सॉप्टवेयर को विनियमित करने की मांग की है। 

यूरोपीय संघ में एआई के विनियमन के लिए यूरोपीय एआई अधिनियम लागू है, इसके द्वारा यूरोपीय संघ के देशों में एआई का आवश्यकता के अनुरूप ही प्रयोग किया जा सकता है। किंतु इस अधिनियम में एआई की तीव्रता का उल्लेख नहीं किया गया है कि उसे किस सीमा पर प्रतिबंधित किया जाएगा।

यूनाइटेड किंगडम ने एआई को विनियमित करने की योजना की घोषणा की, जो प्रचार के अपवित्र स्तर तक पहुंच चुकी प्रौद्योगिकी को विनियमित करने के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण को रेखांकित करता है। देश में डिपार्टमेंट फॉर साइंस, इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी (डीएसआईटी) ने 5 सिद्धांतों की रूपरेखा तैयार की है। जिन्हें कंपनियों को पालन करना चाहिए, वे हैं – सुरक्षा, सुरक्षा व मजबूती, पारदर्शिता व निष्पक्षता, जवाबदेही व शासन, और प्रतिस्पर्धात्मकता व निवारण।

चीन  ने आधिकारिक रूप से चैट जीपीटी को प्रतिबंधित नहीं किया है किंतु चीन में चैटबॉट में साइन अप करना प्रतिबंधित है। 

संयुक्त राज्य अमेरिका एक संघीय राष्ट्र है देश में एआई पर प्रतिबंध के लिए कोई संघीय कानून नहीं है। यहाँ चैट जीपीटी के प्रयोग के लिए कोई प्रतिबंध कानून नहीं है और यदि इसका प्रयोग कोई कंपनी नहीं करती तो कोई दण्ड का प्रावधान भी नहीं है। 

भारत के नीति आयोग ने एआई पर कुछ मार्गदर्शक दस्तावेज  जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए राष्ट्रीय रणनीति और सभी के लिए जिम्मेदार एआई रिपोर्ट, जारी की है। किंतु इसमें ये दस्तावेज़ कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं हैं और एआई से संबंधित चुनौतियों का समाधान नहीं करते हैं।  

स्रोत

INDIAN EXPRESS

https://openai.com/blog/chatgpt

 

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