C + C5 (चीन और मध्य एशिया) समूह

C + C5 (चीन और मध्य एशिया) समूह

C + C5 (चीन और मध्य एशिया) समूह

संदर्भ- हाल ही में, चीन ने C+C5 नामक समूह के व्यापार मंत्रियों की एक ऑनलाइन बैठक बुलाई । फरवरी 2022 में यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के बाद से इस क्षेत्र के साथ बीजिंग द्वारा राजनयिक संबंधों की श्रृंखला में यह नवीनतम प्रयास था।

चीन और मध्य एशिया C + C5 समूह  चीन और पांच मध्य एशियाई गणराज्यों, अर्थात् उज़्बेकिस्तान, कजाकिस्तान, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और किर्गिस्तान से मिलकर यह समूह बना है। चीन और मध्य एशिया के मध्य वर्तमान राजनीतिक संबंधों की शुरुआत C + C5 समूह के गठन (वर्ष 1992) के बाद से ही हुई। इसके कुछ कारण हो सकते हैं-

मध्य एशिया की संवेदनशील सीमाएं- संगठन मध्य एशियाई देशों की पड़ोसी सीमा के देशों में अराजकता की स्थिति थी। अफगानिस्तान में गृह युद्ध की स्थिति थी, तो भारत व पाकिस्तान परस्पर युद्धरत थे। शिनजियांग, स्वायत्तता को लेकर चीन में विद्रोही भूमिका में नजर आ रहा था। 

मध्य एशिया में राजनीतिक अस्थिरता- मध्य एशिया की स्थिति तत्कालीन राजनीतिक अराजकता से भरी हुई थी। जातीय, सामुदायिक, कबीले, साम्प्रदायिक व क्षेत्रवाद की घटनाओ से सत्ता में स्थिरता लाना कठिन हो गया था। 

शिनजियांग क्षेत्र की सुरक्षा की दृष्टि से- शिनजियांग, चीन का एक स्वायत्तशासी क्षेत्र है जो पड़ोसी देशों तिब्बत, भारत, मंगोलिया, अफगानिस्तान, पाकिस्तान व रूस के साथ ही C5 के तीन देश कजाकिस्तान, किरगिजस्तान व तजाकिस्तान से सीमा सांझा करता है।

सोवियत संघ के पतन के कारण मध्य एशिया पर उसका आर्थिक प्रभाव कुछ कम हुआ इसके साथ ही चीन का मध्य एशिया पर प्रभाव दिखने लगा। चीन ने मध्य एशियाई देशों में बुनियादी संरचनाओं के लिए अतिरिक्त निवेश किया। जिस कारण चीन, सी फाइव देशों के लिए महत्वपूर्ण हो गया। 

चीन के साथ व्यापारिक संबंध- चीन मध्य एशिया के साथ सैन्य प्रौद्योगिकी से संबंधित उपकरणों का द्विपक्षीय रूप से व्यापार करता है। 

मध्य एशिया का महत्व

  • चीन के लिए मध्य एशिया का ऐतिहासिक महत्व रहा है, चीन तथा पश्चिमी एशिया के साथ य़ूरोप तक व्यापारिक संबंध मध्य एशिया के द्वारा थल मार्ग से होते थे। मध्य एशिया के देश रेशम मार्ग की मुख्य कड़ी थे। 
  • मध्य एशिया, विश्व का प्रमुख खनिज उत्पादक देश है, जिसमें तेल, गैस, यूरेनियम, तांबा और सोना बहुतायत मात्रा में पाए जाते हैं। 

C5 देशों के साथ चीन के संबंध-

उज्बेकिस्तान- 

  • उज्बेकिस्तान व चीन ने आर्थिक व व्यापारिक समझौता स्थापित किया है।
  • उज्बेकिस्तान में बुनियादी सुविधा जैसे शिक्षा, व्यापार, रसद, आदि क्षेत्र, चीन के लिए महत्वपूर्ण निवेश वाले क्षेत्र हैं। 
  • 2021 में उज्बेकिस्तान में चीन का कुल निवेश 17.7 % रहा है।
  • उज्बेकिस्तान गैस निर्यात का 50% केवल चीन को निर्यात करता है।

कजाकिस्तान- 

  • चीन कजाकिस्तान में 2005 से लगातार विभिन्न परियोजना के निवेश कर रहा है।
  • कजाकिस्तान के तेल के कुल उत्पादन का 25% चीन को निर्यात करता है।
  • कजाकिस्तान में विदेशी निवेश के लिए विरोध प्रदर्शन भी हो रहे हैं किंतु कजाख सरकार आर्तिक गठबंधनों के लिए प्रतिबद्ध है।

तजाकिस्तान-

  • तजकिस्तान, सिल्क रोड बेल्ट परियोजना पर हस्ताक्षर करने वाला पहला मध्य एशियाई देश है। और यह चीन की परियोजना बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव का प्रबल समर्थक है।
  • तजाकिस्तान में सर्वाधिक निवेश चीन द्वारा ही किया जाता है।
  • चीन द्वारा तजाकिस्तान को अत्यधिक ऋण का भुगतान किया गया किंतु उसके स्थान पर तजाकिस्तान के महत्वपूर्ण खनिजों को प्राप्त किया। जिसके कारण पामीर क्षेत्र विवादित रहा है

तुर्कमेनिस्तान-

  • चीन 1992 से तुर्कमेनिस्तान का व्यापारिक भगीदार रहा है।
  • चीन और तुर्कमेनिस्तान गैस व्यापार के लिए भागीदार हैं, इसके साथ ही चीन बीआरआई के तहत गैस पाइपलाइन को विकसित कर रही है। 

किरगिजस्तान-

  • चीन व किर्गिस्तान के मध्य राजनीतिक संबंध विवाद के साथ पिछले तीन दशकों से बने रहे हैं।
  • चीन किर्गिस्तान उजबेकिस्तान रेलवे परियोजना, चीन के मध्य एशियाई देशों के खनिजों में पहुँच बढ़ाने के लिए निर्मित की गई है।
  • इसके साथ किरगिजस्तान व CSTO सेन्य अभ्यास करने के लिए एकत्र होते हैं। 

चीन मध्य एशिया में बुनियादी सुविधाओं में निवेश के साथ वहां के संसाधनों को अपने पक्ष करने के लिए देश को बाध्य करने की नीति पर कार्य कर रहा है। इसके साथ ही चीन के प्रभाव से रूस युक्रेन युद्ध में मध्य एशियाई देशों ने तटस्थ होना स्वीकार किया तथा किसी भी देश का साथ नहीं दिया। किंतु वे रूस के साथ व्यापार को भी बढ़ा रहे हैं। भारत और मध्य एशिया की व्यापार की भूस्थिति पाकिस्तान के समर्थन न मिलने के कारण कमजोर है किंतु इसे हवाई मार्ग के माध्यम से मजबूत बनाया जा सकता है।

स्रोत

Yojna IAS daily current affairs hindi med 22 April 2023

Indian Express

https://www.icwa.in/

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