SCO द्वारा भारत के डिजीटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर का प्रस्ताव स्वीकृत

SCO द्वारा भारत के डिजीटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर का प्रस्ताव स्वीकृत

SCO द्वारा भारत के डिजीटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर का प्रस्ताव स्वीकृत

संदर्भ- शंघाई कॉर्पोरेशन ऑर्गेनाइजेशन के सदस्यों ने भारत के डिजीटल इंफ्रास्ट्रक्चर से संबंधित प्रस्ताव को स्वीकार किय़ा है। डिजिटल क्षेत्र में भारत के बढ़ते नेतृत्व और डिजिटल विभाजन को कम करने के लिए और अधिक डिजिटल रूप से बढ़ावा देने के प्रयासों पर प्रकाश डालता है।

  • प्रस्ताव में आधार, यूनाइटेड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) और डिजिलॉकर जैसे प्लेटफॉर्म शामिल हैं।
  • इससे पहले, केंद्रीय बजट 2023-24 ने कृषि, शिक्षा और वित्त में डीपीआई के लिए योजनाओं की घोषणा की।

शंघाई कॉरपोरेशन ऑर्गेनाइजेशन

  • शंघाई कॉर्पोरेशन ऑर्गेनाइजेशन, 8 सदस्यों का एक बहुराज्य संगठन है। 
  • इस संगठन की स्थापना 15 जून 2001 को चीन, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, रूस, तजाकिस्तान और उज्बेकिस्तान जैसे देशों ने शंघाई (चीन) में की थी। 
  • उज्बेकिस्तान को छोड़कर यह सभी राष्ट्र शंघाई फाइव समूह में शामिल हैं। जिसका गठन 26 अप्रैल 1996 को सीमा क्षेत्रों में गहन सैन्य विश्वास पर संधि पर हस्ताक्षर के साथ हुआ था।
  • 2001 में देशों ने उजबेकिस्तान को शंघाई फाइव में शामिल किया, जिसका नाम अब शंघाई सिक्स हो गया। 
  • जून 2002 में एससीओ सदस्य देशों के प्रमुखों ने एससीओ चार्टर पर हस्ताक्षर किए, और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून में स्थापित किया। 
  • जुलाई 2005 में अस्ताना शिखर सम्मेलन में, भारत, ईरान और पाकिस्तान को पर्यवेक्षक का दर्जा दिया गया था। 
  • जुलाई 2015 में रूस के ऊफ़ा में, एससीओ ने भारत और पाकिस्तान को पूर्ण सदस्य के रूप में स्वीकार करने का निर्णय लिया
  • 9 जून 2017 को, अस्ताना में ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन में, भारत और पाकिस्तान आधिकारिक रूप से पूर्ण सदस्य के रूप में एससीओ में शामिल हुए।

भारत का प्रस्ताव- डिजीटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर 

  • भारत ने एससीओ के लिए भारत द्वारा विकसित डिजीटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर(DPI) के लागू करने का प्रस्ताव रखा है।
  • डीपीआई, यूपीआई की तरह ही कार्य करेगा। यूपीआई, वर्तमान में विश्व के अनेक देशों को डिजीटल रूप से जोड़ने का कार्य कर रहा है। 

डिजीटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर 

  • डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI), वैश्विक रूप से प्रौद्योगिकी के प्रयोग को सुनिश्चित करता है। 
  • इंडिया स्टैक के माध्यम से भारतीय DPI, जानकारी एकत्रीकरण व प्रबंधन का एक महत्वपूर्ण स्रोत है, जो भारत ने सर्वप्रथम विकसित किया।
  • DPI के तहत भारत ने आधार(डिजीटल पहचान), यूपीआई(डिजीटल फास्ट पेमेंट) और डेटा एम्पावरमेंट प्रोटैक्शन आर्किटैक्चर(डिजी लॉकर)  बन गया है। 
  • यह नागरिकों को बुनियादी सेवाएं प्रदान करने, आधुनिक रूप से सशक्त बनाने के लिए डिजीटल समावेशन का समर्थन करता है। 

भारत में DPI का महत्व

  • महामारी के दौरान आधार ने सामाजिक सुरक्षा और शुद्ध भुगतान को सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में स्थानांतरित करने की सुविधा प्रदान की, जिससे लीकेज को कम करने, भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने, कवरेज बढ़ाने आदि में मदद मिली।
  • डिजिटल भुगतान के उपयोग ने छोटे व्यापारियों के ग्राहकों का विस्तार किया है, व्यक्तियों और कंपनियों के लिए वित्तीय सेवाओं तक आसान पहुंच है।
  • डिजिटलीकरण के द्वारा नए करदाताओं का आगमन अर्थव्यवस्था के औपचारिकरण को समर्थन देता है। 
  • COWIN प्लेटफॉर्म से भारत को अपनी वैक्सीन डिलीवरी को तेजी से प्रसारित करने में सहायता प्राप्त हुई।
  • वर्तमान में SCO देशों विशेषकर चीन जो प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अग्रणी है,के द्वारा भारत के DPI को स्वीकार करने से भारत का प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में वैश्विक महत्व बढ़ा है।
डिजीटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर विशेषताएं
आधार सरकार की नीतियों को धरातल पर लागू करने के लिए एक प्रमुख उपकरण है। जो सामाजिक व वित्तीय समावेशन, वितरण सुधार, राजस्व के उचित प्रबंधन आदि किया जा सकता है।
डिजीयात्रा यह फेशियल रिकग्निशन सिस्टम है, हवाई यात्राओं में सुरक्षा उपायों के लिए इसका प्रयोग किया जाता है। यह भविष्य में कागज रहित उपायों को सुनिश्चित करने का एक माध्यम साबित हो सकता है। 
डिजीलॉकर डिजिलॉकर डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय (MeitY) की एक प्रमुख पहल है। डिजीलॉकर का उद्देश्य नागरिकों के डिजिटल दस्तावेज़ वॉलेट को प्रामाणिक डिजिटल दस्तावेज़ों तक पहुंच प्रदान करके नागरिकों का ‘डिजिटल सशक्तिकरण’ करना है।
यूपीआई एकीकृत भुगतान इंटरफेस  (यूपीआई) भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) द्वारा विकसित एक भुगतान प्रणाली मंच है। यूपीआई किन्‍हीं भी दो व्‍यक्‍तियों के मध्‍य स्‍मार्ट फोन के प्रयोग से खाता संख्‍या एवं आईएफएस कोड के संयोजन अथवा वर्चुअल पते जैसे भुगतान पहचानकर्ता के माध्‍यम से निधि अंतरण की सुविधा प्रदान करता है।

स्रोत

Yojna daily current affairs Hindi med 16 May2023

www.hindustantimes.com

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